॥दस्तक॥

गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में, वो तिफ़्ल क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चलते हैं

ऋषिकेश मुखर्जी ( ऋषि दा) अब नहीं रहे

Posted by सागर नाहर on 27, August 2006

मेरी सबसे ज्यादा पसंदीदा फ़िल्म अनुराधा, बावर्ची, गुड्डी, नमक हराम,आनंद  और सत्यकाम जैसी फ़िल्मों के महान निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी का आज निधन हो गया। उनके जाने के साथ ही हमने सामाजिक समस्याओं पर हल्की फ़ुल्की फ़िल्म बनाने वाले निर्देशक को हमने खो दिया है, भगवान ऋषि दा की आत्मा को शान्ति प्रदान करें!

8 Responses to “ऋषिकेश मुखर्जी ( ऋषि दा) अब नहीं रहे”

  1. Tarun Says:

    ऋषिकेश मुखर्जी मेरे भी पंसदीदा फिल्मकार थे, सादगी से भी अच्छी और मनोरंजक फिल्म बनायी जाती है कोई उनसे सीखे। उनको मेरी विनम्र श्रद्धांजलि

  2. आशीष Says:

    ऋषि दा को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि

  3. समीर लाल Says:

    विनम्र श्रद्धांजली.

  4. kali Says:

    He lives on in his body of work.

  5. निधि Says:

    ऋषिकेश मुखर्जी का स्वर्ग्वास फ़िल्म जगत और उनके चाहने वालों के लिये एक बड़ी क्षति है। ऐसे महान निर्देशक को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि।

  6. मनीष Says:

    विनम्र श्रद्धांजलि !

  7. अमिताभ त्रिपाठी Says:

    ह्रषीकेश दा के सम्बन्ध में मेरे चिट्ठे पर टिप्पणी के लिये आपका धन्यवाद.

  8. Pramendra Singh Says:

    ऋषि दा को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि

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