॥दस्तक॥

गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में, वो तिफ़्ल क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चलते हैं

शाबास सानिया

Posted by सागर नाहर on 29, August 2006

भारत के टेनिस सनसनी सानिया मिर्जा ( कुछ लोग सन्सनी भी मानते हैं) खेल में भले ही अपना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रही हो परन्तु उनका अपने देश के प्रति कितना प्रेम है उन्होने कल साबित कर दिया।

हुआ यूँ कि अमेरिका में फ़ॉरेस्ट हिल्स स्पर्धा के एक मैच जो उन्हें स्पेन की लॉर्डिस डोमिंग्वेज के साथ खेला जाना था, के दौरान सानिया ने देखा कि मैदान में भारत का राष्ट्रीय ध्वज उल्टा लगा हुआ था, इस पर सानिया भड़क गई और उन्होनें आयोजकों को इस के लिये बहुत लताड़ा और खेलने से इंकार कर दिया।

आखिरकार  आयोजकों ने ध्वज को बदल कर सही लगाया तब जाकर सानिया मैच खेलने को तैयार हुई।

धन्यवाद सानिया!!

8 Responses to “शाबास सानिया”

  1. समीर लाल Says:

    आजकल झंडा कुछ ज्यादा ही उल्टा हो रहा है या अब हमारी सजकता बढ़ गई है. शाबाश, सानिया, नाज़ है भारत को आप पर.

  2. pankaj बेंगाणी Says:

    झंडे के लिए तो भाईसा अपने भी लड भीड जाते हैं, पर सानिया जैसा टेलेंट कहाँ से लावें कि आप हम पर भी पोस्ट करो। क्या कहते हो… हा हा हा।

  3. ratna Says:

    हाल में कैफ से मुलाकात हुई। एक बच्चा जब उनसे सौ के नोट पर ओटो-ग्राफ मांगने लगा तो उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि नोट पर हस्ताक्षर करना राष्ट्र की मर्यादा के विपरीत है और किसी सादे कागज़ पर साइन कर बच्चे को थमा दिया। देश का प्रतिनिध्त्व करने वाले खिलाड़ी देश की मर्यादा के प्रति इतने सजग है, जानकर अच्छा लगा।

  4. संजय बेंगाणी Says:

    “देश का प्रतिनिध्त्व करने वाले खिलाड़ी देश की मर्यादा के प्रति इतने सजग है, जानकर अच्छा लगा”
    और रत्नाजी हमारे निर्लज्ज शिक्षको को ही नहीं पता की ध्वज सीधा किस तरफ होता हैं, यह देख कर बहुत बुरा लगता हैं.

  5. SHUAIB Says:

    शाबास सानिया

  6. अमिताभ त्रिपाठी Says:

    मेरे चिट्ठे पर टिप्पणी के लिये धन्यवाद. आज मसलमानों को अधिकाधिक कट्टर बनाकर उन्हें मुख्यधारा से अलग किया जा रहा है.

  7. pramendra Says:

    सानिया आप धन्‍यवाद की पात्र है आपकी देश भक्ति ने सम्‍पूर्ण देश वासियों के सिर को गर्व से ऊचा कर दिया है।
    सुझाव ग्‍लैमर से ज्‍यादा खेल पर घ्‍यान दे यूएस ओपन के लिये शुभकामनाऐ

  8. क्या यह वही सानिया मिर्जा है? « ॥दस्तक॥ Says:

    [...] 29 अगस्त 2006  को मैने एक पोस्ट लिखी थी शाबास सानिया!  जो कुछ यूं थी भारत की टेनिस सनसनी [...]

Leave a Reply

XHTML: You can use these tags: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>