लेख चर्चा:अपना वजन कम करिये
Posted by सागर नाहर on 24, December 2006
चित्रलेखा गुजराती के १८ दिसम्बर २००६ के अंक का मुख्य लेख है “गमे त्यारे खाव, गमे ते खाव छ्तांय वजन उतारो!शुं छे एनो कीमियो ” यानि कभी भी कुछ भी खाईये और अपना वजन कम कीजिये… क्या है इस का तरीका। लेख के लेखक केतन मिस्त्री अपने इस शानदार लेख में ईंग्लैण्ड के डॉ पॉल मेकेन्ना जिन्होने ब्रिटेन के स्काय वन टी वी चैनल पर I can make you thin कार्यक्रम में बताये तरीकों को लिखते हुए कहते हैं कि “ खाई-पी ने पण जलसा थी वजन उतरी शके!…. छे अहीं केटलाक कीमिया। ( खा पी कर भी वजन उतर सकता है, यहाँ है इसके कुछ नुस्खे)
डॉ पॉल मेकेन्ना जो ब्रिटेन के सुप्रसिद्ध हिप्नोटिस्ट और लेखक है और उन्होने कई पुस्तकें लिखी है कई ओडियो वीडियो बनाये हैं, उनकी पुस्तक Change your life in seven dayas” तो जबरदस्त लोकप्रिय हुआ है।
डॉ मेकन्ना अपने इस कार्यक्रम में (मोटापे के) रोगी को किसी भी तरह की डायेटिंग करने की सलाह नहीं देते बल्कि २०-२५ मिनीट पैदल चलने की सलाह देते हैं। डॉ मेकन्ना ने अपने कार्यक्रम में के दौरान ७०,००० में से लगभग ८०% प्रतिशत लोगों का वजन कम करवाने में सफ़लता पाई। डायेटिंग में लगभग ९०% लोग अपना वजन कम करने में असफ़ल रहते हैं जबकि इस कार्यक्रम की सफ़लता- असफ़लता का अनुपात ८०:२० का था।
केतन मिस्त्री को कुछ दिनों पहले लंदन में टी वी पर यह कार्यक्रम देखने को मिला तो उन्होने गुजराती पाठकों के लिये इस कार्यक्रम के मुख्य चार कुंजियों को अपने लेख में बताया अब मैं इन कुंजियों को आप सब के लिये प्रस्तुत कर रहा हूँ।
भूख लगी है? तो खाईये
क्या आप जानते हैं कि ऊँट की पीठ पर क्या होता है? चरबी , ऊँट चरबी का संग्रह कर रखता है क्यों कि उसे नहीं पता कि फ़िर कब खाने को मिलेगा! हमारा शरीर भी यही करता है, जब हम डायेटिंग कर भूखे रहते हैं तो हमारा शरीर भी यही काम करता है, वो चरबी एकत्रित करना शुरू कर देता है,, शुरुआत में यह चरबी बहुत कम होती है पर जब भूख लगे तब ख्ना खा कर भूखे रहने पर धीरे धीरे यह चरबी जमती जायेगी और स्त्रियों की जांघों- और नितम्ब पर तथा पुरुषों के कमर पर चरबी बढ़ती जायेगी फ़लस्वरूप शरीर मोटा हो जायेगा। इस स्थिती से बचे और जब आपको भूख लगे खाईये।
आपकी जो इच्छा हो वो सब खाईये!
वजनी लोग सोचते हैंकि मुझे यह खाना चाहिये यह नहीं क्या यह सही है, नहीं आपकी जो इच्छा हो वो खाईये!
केडबरी, आईसक्रीम, पीत्जा, चीज बर्गर, केक…..
यह एक शाश्वत नियम है कि जिस चीज को हमें खाने को मना किया जाता है उसी को खाने हमारा मन बार बार ललचाता है, उस चीज का स्मरण करने या देखने से हमारे मुँह में पानी आने लगता है। अगर हमें सब कुछ खाने की छूट मिल जायेगी तो हम स्वत: ही समतोल आहार खाने लग जायेंगे।
इस लिये आपको जो इच्छा हो वो खाइये।
बाकी के नुस्खे यहाँ पढ़िये। वजन कम करने की शुरूआत यहीं से करिये भाई, अंगुलियों का सबसे पहले वजन कम करिये और जा कर इस साईट पर सारे नुस्खे देखिये और वैसे भी जरूरी है लिंक देना भी वरना उनकी इस साईट को कौन देखेगा जब सब के सब मेरे अनुवाद से ही काम चला लेंगे तो


25, December 2006 at 5:42 am
साधुवाद, बड़ी ही उपयोगी जानकारी दी है. आप मेरा कितना ख्याल रखते हैं, मन भर आता है स्नेह देखकर. आपको आगामी चुनाव के लिये हमारी हार्दिक शुभकामनायें. अगर हमारा वजन इस लेख से घटेगा (जो आज तक बहुत सारे ऐसे लेख पढ़ पढ़ कर हमेशा बढ़ा ही है) तब आप भी हमारी शुभकामनाओं की वजह से जरुर कामयाब रहेंगे. अन्यथा न लें
25, December 2006 at 8:52 am
अच्छा है। मन भर खाऒ!
25, December 2006 at 9:48 am
अच्छा लिखा है.
25, December 2006 at 10:11 am
वजण बडाण के बी नुस्खे सैं के थाते धोरे। याड़ै जरुरत सै।
25, December 2006 at 11:10 am
इतनी अच्छी जानकारी के लिए धन्यवाद सागर भाई
25, December 2006 at 12:18 pm
वज़न कम करना है तो खाओ - वाह भैया, यह तो पतले होने का नायाब तरीक़ा बता दिया आपने।
26, December 2006 at 6:44 pm
सभी खाते-पीते और मोटे चिट्ठाकारों के लिये उपयोगी सूचना . अब खा-खा के और पी-पी के वजन कम करो .
29, December 2006 at 11:20 am
धन्यवाद……. सागरजी आपने अच्छी जानकारी दी
3, February 2007 at 9:00 pm
Your article is very informative and helped me further.
Thanks, David
16, February 2007 at 3:45 pm
Bush and the Republicans were not protecting us on 9-11, and we aren’t a lot safer now. We may be more afraid due to george bush, but are we safer? Being fearful does not necessarily make one safer. Fear can cause people to hide and cower. What do you think? Why has bush turned our country from a country of hope and prosperity to a country of belligerence and fear.
What happened to us, people? When did we become such lemmings?
The more people that the government puts in jails, the safer we are told to think we are. The real terrorists are wherever they are, but they aren’t living in a country with bars on the windows. We are.
3, May 2007 at 7:36 pm
I hope Your Golden Rules Help Me To Loss Weight. May God Bless You.
Suraj Popatrao Raut, B/18, Shreeram Achal C.H.S., P. D. Road, Thakurwadi, Dombivali (W).
THNX.
8, June 2007 at 12:31 am
Hi! wery good site!
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