नारद पर हिट्स नये रूप में
Posted by सागर नाहर on 24, February 2007
अपने जीतू जुगाड़ी यानि जीतू भाई पता नहीं इतनी उर्जा कहाँ से इकट्ठी कर लेते हैं, अपनी नौकरी के अलावा खजाना, नारद आदि का संचालन करना, अच्छे अच्छे जुगाड इकट्ठे करना और अपने चिट्ठे भी लिखना। इन दिनों जिस हिसाब से नये चिट्ठाकारों की बाढ़ आई है नारद को अकेले दम पर चलाना कोई मामूली बात नहीं है। भाई चाचा चौधरी जी हमें भी बताईये अपनी उर्जा का राज। चलिये कान में कह दीजिये हम किसी को नहीं बतायेंगे।
अब देखिये पहले तो नारद में हिट्स का मीटर लगाया और अब उसे नई डिजाईन में बदल दिया जिससे नारद पहले से काफी सुंदर लगने लगा है।
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और कल पाँच सवालों के जवाब ढूंढ़ते समय अपने पुराने लेखों को देखते समय वर्ड प्रेस के चिट्ठों पर गूगल के एडसेन्स विज्ञापनों पर भी नजर पड़ी, देखिये




नितिन said
वाकई में जीतू भाई बधाई के पात्र है, कमाल का टाइम मेनेजमेंट करते है।
जीतू भाई
टाइम मेनेजमेंट के भी कुछ जुगाड बतायें।
Shrish said
ओजी जीतू भाई का जवाब नहीं। रात दिन इनके जुगाड़ी दिमाग में नए नए आइडिए आते रहते हैं। भगवान इनके जुगाड़ी दिमाग को चालू रखे।
संजय बेंगाणी said
धन्य है ताऊ
Jitu said
ओह! हो, ज्यादा तारीफ़ सेहत के लिए अच्छी नही होती। तारीफ़ करनी है तो नारद टीम की करिए, जीतू की नही।
असली बधाई के पात्र तो बेंगानी बन्धु है, जो हमारे खुराफ़ाती आइडिया को अमली जामा पहनाते है। ये बन्धु हिन्दी चिट्ठाजगत की अहम खोज है।
इस काउन्टर के लिए भाई विनोद मिश्रा ने भी काफी कार्य किया है, नारद के कर्णधार नारद को बहुत आगे तक ले जाएंगे।
वास्तव मे नारद एक पहल है, एक प्रयास है, एक विचार। हमारा प्रयास रहता है कि पाठकों को बेहतर से बेहतर सेवा प्रदान कर सकें। अभी बहुत सारे आइटम है हमारी पोटली मे, एक एक करके दिखाएंगे।
नारद पर विश्वास बनाए रखिए।
-नारद टीम
Shrish said
ठीक है जी जुगाड़ी नारद टीम जिन्दाबाद !
अनजान said
बडा अच्छा लेख
नारद के बारे में तो क्या कहने है, उस पर जीतु भाई व अन्य भाई लोगों का भी कार्य काबिल ए तारीफ है देनिक कार्यों से वक्त निकालते हुए पुरी तरह से कुछ करना ! बहुत बडी बात है