This entry was posted on 2, January 2008 at 11:38 am and is filed under कार्टून.
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यूँ तो मुझे जयादा बोलने की आदत नहीं… मगर इस पर बोलूँ तो क्या बोलूँ.. काश हमारे साथ साथ “सम्बन्धित” कर्मचारी भी पडें.. तो उनकी प्रतिक्रिया देखने लायक हॊगी ॥
2, January 2008 at 12:47 pm
सटीक!!
2, January 2008 at 2:24 pm
सही।
2, January 2008 at 4:44 pm
यूँ तो मुझे जयादा बोलने की आदत नहीं… मगर इस पर बोलूँ तो क्या बोलूँ.. काश हमारे साथ साथ “सम्बन्धित” कर्मचारी भी पडें.. तो उनकी प्रतिक्रिया देखने लायक हॊगी ॥
2, January 2008 at 7:12 pm
भाई नाहर जी बहुत करारा व्यंग….बहुत बढ़िया. वाह.
नीरज
3, January 2008 at 1:05 am
बढ़िया है ।
घुघूती बासूती
14, January 2008 at 6:40 pm