दस्तक हुआ दो साल का
Posted by सागर नाहर on 12, March 2008
दो साल पहले अनायास ही चालू हुआ दस्तक का यह सफर आज अपने तीसरे पड़ाव पर आ पहुंचा है। मेरी सबसे पहली पोस्ट पर अनुनादजी ने टिप्पणी दी थी।
पिछले दो साल का अनुभव बहुत ही बढ़िया रहा। दूसरे साल में नये मित्रों में यूनूस भाई, गरिमा, अनिल रघुराज, काकेश, इरफान , अनीता कुमार, शोभा महेन्द्रु, डॉ अजीत, अजीत वडनेरकर, पूर्णिमा वर्मन, घुघुति जी, दीपा गोविन्द, रंजना भाटिया जी जैसे कई मित्र मिले। ( कई मित्रों के नाम भूल रहा हूँ, कृपया बुरा ना मानें)
संजय- पंकज-खुशी-उत्कर्ष बैंगानी, रवि कामदार, सुरेश चिपनूलकर और एक और खास मित्र से मुलाकात हुई, जिनके बारे में अगली पोस्ट में लिखूंगा। उनसे मुलाकात चिट्ठाकार मुलाकात ना होकर पारिवारिक मुलाकात बन गई।….अभी लिख दिया कि मैं तीन चार दिन पहले मुंबई आया था और उनसे बात नहीं की तो एकाद मित्र नाराज हो जायेंगे।
जहाँ परिवार होता है वहाँ कभी कभार ना चाहते हुए भी कुछ ऐसा भी हो जाता है जो मन को चुभने वाला हो; सबके साथ होता है मेरे साथ भी हुआ… खैर वह तो अब पुरानी बातें हुई।
पिछले साल ही तकनीकी लेखों को अलग जगह पर लगा कर नया चिट्ठा तकनीकी दस्तक बना और मेरा सबसे पसंदीदा शौक पुराने गानों का संग्रह और सुनना- सुनवाना गीतों की महफिल नामक चिट्ठे के रूप में अवतरित हुआ।
पिछले दो साल में जिन मित्रों ने मेरा मार्गदर्शन किया, जिन पाठकों ने मेरे लेख झेले
टिप्पणियां दी, जिन मित्रों ने हर तरह से मेरी सहायता की मैं उन सबको धन्यवाद देता हूँ।
संबंधित लेख:


12, March 2008 at 1:05 pm
जन्मदिन की बधाई स्वीकारें.
रविकामदार से हुई नौकझोंक भी शायद एक कारण था दस्तक के जन्म का. कुछ कुछ याद है, तब और अब में बहुत फर्क आ गया है, चिट्ठाजगत में….
दस्तक की दीर्घायू की कामना करता हूँ, लिखते रहें…
12, March 2008 at 1:22 pm
सागर भाई हृदय से बधाईयां । आप एक अच्छे चिट्ठाका, उम्दा इंसान और जुझारू व्यक्ति हैं ।
खट्टे मीठे अनुभव तो जीवन में होते ही रहते हैं । ब्लॉगिंग की दुनिया में भी दोनों तरह के अनुभव होते हैं । बधाईयां स्वीकारिए । आप तकनीकी और संगीत की दुनिया में अहम योगदान दे रहे है ।
12, March 2008 at 1:33 pm
सागर जी मुबारक !
आप लगातार दस्तक देते रहे…
शुभकामनाएं !
12, March 2008 at 1:41 pm
Dastakon ka kivadon par hoga asar jaroor,
Har hatheli khoon se tarr , aur jyada bekaraar.
-Dushyant.
12, March 2008 at 1:48 pm
dastak ki dusari saal girah par dher sari shubhkamnayein,bahut kuch takniki baatein sikhi hai dastak se,kabhi kaha nahi,shukriya.
12, March 2008 at 2:00 pm
बधाई,
ऐसे ही कई साल पूरे हों दस्तक के
12, March 2008 at 2:23 pm
दस्तक के जन्मदिन पर बहुत-बहुत बधाई
12, March 2008 at 2:24 pm
बहुत बहुत बधाई । हम तो आपको अपने से बहुत छोटा समझ रहे थे परन्तु आप तो हमसे ग्यारह महीने बड़े हैं। नहीं, आप नहीं आपका चिट्ठा । फिर भी, मेरे चिट्ठे की ओर से आपके चिट्ठे को सादर प्रणाम व बधाई ।
घुघूती बासूती
12, March 2008 at 2:26 pm
बहुत बहुत शुभकामनाएं।
12, March 2008 at 3:08 pm
बहुत बधाई नाहर जी। आप तो हमारे जुगाड़-गुरू हैं।
12, March 2008 at 3:34 pm
दस्तक के दूसरे जन्मदिन पर सागर जी आपको बहुत-बहुत बधाई।
और भविष्य के लिए शुभकामनाएं।
12, March 2008 at 3:37 pm
दस्तक और गीतों की महफिल दोनों पर ही बिना दस्तक हम आते जाते हैं..बहुत कुछ देख पढ़ और सुनकर आनन्द और जानकारी पाते हैं. हवाई ज़हाज की आवाज़ें अभी भी नींद में खलल डालती हैं ? घुटनों के बल चलते चिट्ठे को भी आशीर्वाद दीजिए…!
12, March 2008 at 3:40 pm
हार्दिक बधाई सागर भाई!
12, March 2008 at 3:45 pm
दो साल पूरे करने की बधाई।
12, March 2008 at 4:10 pm
सागर भाई, मेरी भी शुभकामनाएं स्वीकार करें। आपकी तकनीकी दस्तक से भी हम नौसिखिया लोगों को काफी लाभ मिला है, जिसके लिए मैं आपका तहेदिल से शुक्रगुज़ार हूं। आप और आपकी लेखनी दिन-दूनी रात चौगुनी गति से बढ़ती रहे, यही प्रार्थना है।
12, March 2008 at 4:17 pm
बधाई, सागर भाई !
12, March 2008 at 4:22 pm
भाई हार्दिक शुभकामनाएं स्वीकार करे, दुर्लभ रचनाओं की वजह से दस्तक को हम हमेशा याद करते हैं…
12, March 2008 at 4:42 pm
भईया दस्तक यूँ ही सबके दिलो पर “दस्तक” देता रहे।
12, March 2008 at 4:51 pm
सागर भाई दस्तक की उपयोगिता किसी से छुपी नहीं है… इसे निरंतर जारी रखें. दो वर्ष पूरे करने पर शुभकामनाएं.
12, March 2008 at 5:31 pm
सागर भाई,
दस्तक के जन्मदिन की हार्दिक बधाई स्वीकार करें. दस्तक ऐसे ही जन्मदिन मनाता रहे, यही कामना है.
12, March 2008 at 6:20 pm
सागर जी आप को बहुत बधाई. सुनील
12, March 2008 at 6:33 pm
सागर भाई। ब्लॉग की वर्षगांठ मुबारक। आप से वेडनेरकर के फोन पर बात हुई थी। मैं समझा था कि आप भोपाल में ही है। आप अपना काम बखूबी पहले की तरह ही करते रहें। बखूबी।
12, March 2008 at 7:19 pm
बहुत अच्छॆ! बधाई!
12, March 2008 at 8:56 pm
नाहर भाईस्सा आपकी मेहनत रंग लाई है
आपके दोनों जाल घर बहुत अच्छी चीजें दे रहे हैं –
बधाई ………..
और आगे के पथ के लिए,” शुभम भवति ! “
12, March 2008 at 8:57 pm
ब्लागिंग की दुनिया में हम सब उम्रदराज हो रहे हैं. इसे बढ़ती उम्र कहें या बचपने से किशोरावस्था की ओर प्रयाण. क्या सीख रहे हैं और क्या भूल रहे हैं, यह सोचने की जरूरत है. बधाई तो है ही.
12, March 2008 at 9:22 pm
आपकी पारी ऐसे ही बदस्तूर चलती रहे. अभी तो कितने ही जन्मदिन मनाने हैं. बधाई!
12, March 2008 at 10:02 pm
सागर भाई, आपके ब्लॉग ने अति सफलतापूर्वक दो साल पूरे किए. अनेकों बधाइयां आपको.
रेडियोनामा पर उस पोस्ट के कारण ही हमारी मुलाक़ात हुई जो एक मित्रता में परिणत हुई,जो हमें हमेशा याद रहेगी. आपकी तकनीक ने अनेकों बार हमारे द्वार दस्तक दी और हमने उसका सहर्ष स्वागत किया.
धन्यवाद.
12, March 2008 at 11:07 pm
आपकी दस्तक पर हम निरंतर दस्तक देते रहे यही शुभकामना है।
बहुत बहुत बधाई
13, March 2008 at 3:27 am
जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई ।
जबसे ब्लोगिंग शुरु की है तब से आपकी पोस्ट पढती आरही हूँ परन्तू टिप्पणी नहीं कर पाती जिसके लिये माफ़ी चाहूँगी । आपको पढने वालो में हम भी शामिल है ।
सादर
हेम ज्योत्स्ना “दीप”
13, March 2008 at 7:46 am
जन्मदिन की बधाई स्वीकारें.
आप यूँ ही लिखते पढ़ते टिपियाते बने रहे बरसों… बरसों….
13, March 2008 at 7:59 am
बधाई हो… सागर जी
देर से आने केलिए माफी,
आपके गीतों के महफिल हमेशा याद रहीगी ॥
13, March 2008 at 8:08 am
badhai ho sagar bhai sa, 2 saal pure hone ki muabaranka
13, March 2008 at 8:53 am
दो साला दस्तक की बधाई। लेकिन, आप मुंबई आए और बताया नहीं। ये अच्छी बात नहीं … वैसे मैंने यूनुस के ब्लॉग पर उसका जिक्र देखा। चलिए अगली बार आइए तो, मुलाकात होती है।
13, March 2008 at 12:33 pm
बहुत बहुत बधाई। आप यूं ही लगातार लिखते रहें।
13, March 2008 at 8:11 pm
सागर जी दस्तक को मेरी तरफ़ से ढेर सरी शुभकामनाएं, भगवान करे दस्तक इसी तरह हमारे दिलों पर दस्तक देता रहे और तकनीकी जानकारी बढ़ाता रहे
13, March 2008 at 8:49 pm
आपकी दस्तक अक्सर हमारे दिलों तक पहुंचती रही है। आपके उपयोगी तकनीकी जुगाड़ और आपके गीतों के नायाब संग्रह तो हमें आपके चिट्ठे की ओर खिंचते ही हैं, पर सबसे बढ़कर आपका सौहार्द भरा वह अपनापा हमें आपकी ओर चुम्बक की तरह खिंचता है।
आपके चिट्ठे की तीसरी वर्षगांठ पर हार्दिक बधाई! यह सिलसिला साल-दर-साल चलता ही रहे.
14, March 2008 at 11:07 am
mubarak ho sir, likhte rahe
14, March 2008 at 12:25 pm
आपकी दस्तक दिल पर दस्तक देती रहे। सुबह से “दस-तक”, ठक-ठक=ठक=ठक……………………… और ठक-ठक… बधाईयाँ स्वीकारें और उज्जैन पधारने के बारे में भी सोचें…
17, March 2008 at 8:00 am
Congratulation! All the best for your next journey….
21, March 2008 at 2:10 pm
DASTAK KE DO VARSH HONE PAR SAGAR NAHAR JI TO HARDIK BADHAIYAAN. AASHA KARTA HUN KE AANE WALO SAALON MEIN BHI AAP IS WEBSITE KO AUR UNCHAIYON PAR LE JAYENGE.
21, March 2008 at 6:12 pm
देरी से ही सही, हमारी बधाइयाँ भी स्वीकार कर लीजिए।
22, March 2008 at 9:14 pm
Congratulations for two years of Dastak… very cool blog…and Thanks a lot for reading tapori