Posted by सागर नाहर on 21, March 2009
चिट्ठाजगत.इन से लिया गया यह स्क्रिन शॉट तो यही कहता है!


This entry was posted on 21, March 2009 at 9:20 am and is filed under मनोरंजन, हास्य व्यंग्य.
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rachnasingh said
kya baat haen . jaraa chitr kuch jyadaa pixel wala daaely to jyadaa ubhar kar aaye
संजय बेंगाणी said
चलो जी इस बहाने आपके दर्शन तो हुए.
अजब तकनीकी पंगा है….चि.ज. क्या कहता है, यह देखना है
Suresh Chiplunkar said
Lovely said
mamta said
सच में !
Gyan Dutt Pandey said
चिठ्ठाजगत आर्काइव्स दिखाने के लिये शुक्रिया!
Satish Chandra satyarthi said
कलियुग है भाई, कुछ भी हो सकता है.
चिट्ठाजगत की तकनीक को बधाई, चिट्ठों के प्राक इतिहास को दिखने के लिए.
Satish Chandra satyarthi said
मेरा मतलब था “दिखाने” के लिए.
“दिखाने” को “दिखने” दिखाने के लिए गूगल इंडिक ट्रांसलिटरेशन टीम को भी बधाई
amit said
तकनीकी पंगा क्या है वो मैं बताए देता हूँ। तारीख क्या है चित्र में वह मैंने नहीं देखी लेकिन यदि आप 1970 कह रहे हैं तो वह 1 जनवरी 1970 होगी क्योंकि यूनिक्स अथवा लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में सबसे पहली तारीख यही होती है (इस बारे में यहाँ पढ़ें) और विन्डोज़ में यह 1 जनवरी 1900 होती है।
चिट्ठाजगत एग्रीगेटर PHP प्रोग्रामिंग भाषा में लिखा गया है और PHP में date फंक्शन यूनिक्स टाइमस्टैम्प (timestamp) को पढ़े जा सकने वाली तारीख दिखाने के लिए प्रयोग में आता है। यूनिक्स टाइमस्टैम्प “1 जनवरी 1970″ के बाद से बीते हर सेक्न्ड का जोड़ होती है और यदि इस date फंक्शन को दी गई टाइमस्टैम्प शून्य होती है अथवा होती ही नहीं तो यह 1 जनवरी 1970 तारीख के रूप में दिखाता है।
अब यहाँ हुआ यह होगा कि फीड में उक्त पोस्ट की छपाई की तारीख नहीं आई होगी या गलत होगी (बोले तो 1970 से पहले की) तो इसलिए यहाँ पर 1970 वाला मामला हो गया होगा! कुछ और कारण भी हो सकता है जो कि विपुल जी ही बता सकते हैं, लेकिन मामला फीड में मौजूद गड़बड़ी का ही दिखता है!
चिट्ठाजगत said
बग रिपोर्ट का शुक्रिया
थोड़ा तकनीकी मामला है
कैशे में पुराने (यहाँ जनवरी) के पोस्टों का बयोरा नहीं होता तो तारीख ० हो रही थी, अब सीधे डीबी से आ रही है
शुक्रिया
mahendra mishra said
बहुत बढ़िया आपके चिठ्ठे की चर्चा समयचक्र में आज
कविता वाचक्नवी said
किसी तकनीकी उलझन के चलते ऐसा हो गया होगा। चिट्ठाजगत् का ध्यान जाने पर वे इसे सुधार लेंगे।
पर आपकी नजर, कमाल है।
santhosh said
Hi, it is nice to go through ur blog…well written..by the way which typing tool are you suing for typing in Hindi..?
i understand that, now a days typing in an Indian language is not a big task… recently, i was searching for the user friendly Indian language typing tool and found.. ” quillpad”. do u use the same..?
Heard that it is much more superior than the Google’s indic transliteration…!?
expressing our views in our own mother tongue is a great feeling…and it is our duty too…so, save,protect,popularize and communicate in our own mother tongue…
try this, http://www.quillpad.in
Jai..Ho…
गिरीश बिल्लोरे मुकुल said
सागर जी
क्या ये लिंक उपलब्ध है
अच्छे सूचना परक आलेख के लिए आभार
कौतुक said
मैं कमेन्ट नहीं करूंगा. कंप्यूटर पर काम करता हूँ और उसके कितने ही मजाक भुगत चूका हूँ.
suman said
nice