॥दस्तक॥

गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में, वो तिफ़्ल क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चलते हैं

रॉय सुलिवान; एक अनोखी शख्सियत

Posted by सागर नाहर on 2, April 2009

नेट पर सर्फिंग करते करते कई बार बड़ी अनोखी चीजें देखने को मिल जाती है, आज पता नहीं क्या सर्च करते करते  मैं रॉय सुलिवान (Roy Sullivan) के पन्ने तक पहुंचा।

आप पूछेंगे की रॉय सुलिवान में ऐसी क्या खास बात है तो  आप जान  कर  आश्‍चर्य चकित रह जायेंगे कि  रॉय पर सात बार आकाशी बिजली का प्रहार हुआ पर छोटी मोटी शारीरिक नुकसानियों के बावजूद रॉय  सकुशल बच गये, परन्तु पारिवारिक कारणों के चलते  रॉय ने 28 सितम्बर 1983 को आत्महत्या कर ली।


रॉय सुलिवान के बारे में ज्यादा जानें

यानि  बिजली के 10 करोड़ वोल्ट के  “शॉक ” से  ज्यादा मानसिक” शॉक” रॉय के लिये ज्यादा खतरनाक साबित हुआ।

रॉय की तरह आकाश से बिजली गिरने के बाद बचे (या बिजली के शिकार!) लोगों ने अपना एक समूह बना भी रखा है, जिसका नाम है Lightning Strike and Electric Shock Survivors international (LSESSI) जिसके कई सौ सदस्य है और इस समूह का अपना जाल स्थल भी है। इसके कई सदस्यों पर कई कई  बार बिजली के प्रहार हो चुके हैं।

5 Responses to “रॉय सुलिवान; एक अनोखी शख्सियत”

  1. अदभुत जानकारी, धन्यवाद… क्या उस साईट पर ये बताया गया कि आखिर ऐसा कौन सा “पारिवारिक”(?) कारण था जो बिजली के भीषण झटके से भी बदतर था… क्या उसकी पत्नी का फ़ोटो भी है साईट पर? या उसकी सास का? या उसकी प्रेमिका का? क्योंकि अब तो जब तक उस “झटके” का पता नहीं चलेगा, चैन नहीं मिलेगा… :)

  2. बिजली ग़िरने पर डिस्कवरी पर एक कार्यक्रम देखा था. जिन्हे अनुभव है वे घुटनों पर हाथ रख झुक जाते है, यह अवस्था कम से कम नुकसान पहुँचाती है.

    अच्छी जानकारी.

  3. alpana said

    rochak aur adbhut jaankari hai.

    aise group ke baare mein pahli baar suna aur padha hai.

  4. Lovely said

    आश्चर्यजनक बात है एक ही इन्सान पर सात बार बिजली गिरना

  5. सच में अजेय के लिये भी चिन्ता चिता समान है।

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