वे कितने बेईमान हैं?
Posted by सागर नाहर on 2, January 2008
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Posted by सागर नाहर on 11, October 2007
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Posted by सागर नाहर on 21, July 2007
यह कार्टून समर्पित है नीलिमाजी को उनकी पोस्ट
के लिये। उनकी इस पोस्ट पर टिप्प्णी करने की बजाय यह तरीका ज्यादा अच्छा लगा।
इस कार्टून के बनाने के तीन मिनिट के बाद १७ लोगों ने इसे देखा और तीन टिप्प्णीयाँ मिली।
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Posted by सागर नाहर on 13, July 2007
आजकल अमित भाई रोज नये नये कार्टून बना रहे हैं , मुझे याद आया कि कुछ दिनों पहले मैने भी कुछ कार्टून बनाये थे तो मेरा मन हुआ कि मैं भी अपने बनाये कार्टून अपने चिठ्ठे पर लगाऊं।
यह दो कार्टून जो आदरणीय फुरसतिया जी की प्रेरणा से बनाये थे
यह कार्टून जब बनाया गया था तब फुरसतियाजी ने कार्टून बनाने की कोशिश की थी पर सफल नहीं हो पाये। और चैट के दौरान मुझसे पूछ रहे थे कि क्या इसकी साइज बड़ी की जा सकती है?
(शायद लम्बऽऽऽबे लेख लिखने की आदत की वजह से) :)
(फुरसतिया जी क्षमा करें)
यह दैनिक हिन्दी मिलाप के कार्टूनिस्ट ने बनाया था जिसे मैंने थोड़ा सा बदल दिया है|
कुछ यहाँ और भी है।
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