॥दस्तक॥

गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में, वो तिफ़्ल क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चलते हैं

अटल जी से पेन मांगना

Posted by सागर नाहर on 20, अप्रैल 2006


कभी कभी जिन्दगी में ऐसे मौके आते है जब हम उन मौकों का लाभ नहीं उठा पाते फ़िर जिन्दगी भर पछताते रहते हैं।
ऐसा ही एक बार मेरे साथ हुआ था, बात उन दिनों की है जब मैं सुरत में रह रहा था। एक दिन जब तापी (ताप्‍ती ) नदी पर बने सरदार पुल का उदघाटन करने के लिये माननीय अटल जी वहाँ आये थे।
अटल जी मेरे आदर्श हुआ करते थे,(आज भी हैं ) उदघाटन और उनके भाषण के पूरे होने के बाद में उनके ओटोग्राफ़ लेने के लिये भीड़ को चीर कर उनके पास पहुँचा और अटल जी को ओटोग्राफ़ पुस्तिका दी तो उन्होने मेरी जेब से पेन निकाल कर पुस्तिका में हस्ताक्षर दे दिये (ध्यान दें पेन २/- मूल्य का स्टिक वाला था) उन्होने मुझे पुस्तिका वापस दी और पेन अपनी जेब में रख दिया में भूल गया कि में किसके सामने खड़ा हुँ, में वहीं कुछ सोचते हुए खड़ा रह गया तब अटल जी ने मुझसे पुछा क्या हुआ? और मेरे मुँह से पता नही कैसे निकल गया “सर मेरा पेन आपके पास रह गया”, तो अटल जी ने हँसते हुए अपनी जेब से पेन निकाल कर मेरी जेब मे रख दिया और मेरी पीठ थपथपाई।
आज जब भी वह बात याद आती है तो बड़ा अफ़सोस होता है कि मेंने उनसे एक २/- का पेन भी फ़िर से माँग लिया। अगर आप लोगों के साथ भी एसा ही कुछ वाकया हुआ हो तो बतायें
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11 Responses to “अटल जी से पेन मांगना”

  1. वाह, क्या वाकया है. मैं अटलजी के कभी इतने करीब नही जा पाया. जब आपने ऑटोग्राफ लिया तब वो प्रधानमंत्री पद पर नही होंगे. नही तो आप जा नही पाते.

  2. जी हाँ जब यह वाकया हुआ तब वे प्रधान मंत्री नहीं थे.

  3. अपनी वस्तु चाहे २ रू की हो या २ हजार की, अगर किसी को इस्तेमाल करने को दी है तो वापस माँगने में क्या हर्ज है? फ़िर भले ही सामने वाला कोई “सेलेब्रिटी” ही क्यों ना हो.

    मैं तो कहता हूँ कि अगर पेन उनके ही पास रहने दिया होता तो शायद वो आपको उतना भी याद नहीं रखते जितना कि यह सोचकर “याद” रखा होगा कि -“वाह! कैसा बंदा था, अपने २ रू भी नही छोडे”.

    “बदनाम हुये तो क्या हुआ, नाम न होगा?”

  4. Hitendra said

    रोचक घट्ना
    भाग्यशाली हैं आप्

  5. mahashakti said

    मेरे बडे भाई जी भी अटल जी के गोद मे खेले है जब वह 1 साल के थे बात 1980 कानपुर की है और वह भारतीय मजदूर सङः नवीन मार्केट मे आये थे तब मेरा जन्म भी नही हुआ था

  6. Shrish said

    वाह मजेदार संस्मरण, खैर आप टेंशन न लें अटल जी जैसे विशाल हृदय लोग ऐसी बात का बुरा नहीं मान सकते।

  7. बडी रोचक घटना है जी !
    काश कभी एसा कुछ हमारे साथ भी घटित हो, व किसी महान हस्ती से मिलने, बात करने का सौभाग्य प्राप्त हो

  8. अविस्मरणीय अनुभव लेकिन कुछ गलत भी नहीं किया।

  9. rochak ghatna ye to sach hai agar vo pen atalji ke paas rah jata to ab tak use bhool chuke hote ,use vapas maang kar aapne is vakye ko yadgar bana diya ..

  10. 🙂

  11. basant jain said

    ये घटना शायद 20 या 22 साल पुरानी है भाईसाहब

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