॥दस्तक॥

गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में, वो तिफ़्ल क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चलते हैं

सुरत में बाढ़: छुट्टी कैंसिल

Posted by सागर नाहर on 8, अगस्त 2006

सुरत में पिछले ३५ वर्षों के बाद आई इतनी भयंकर बाढ़ में लगभग आधे से ज्यादा शहर डूब चुका है। कई लोगों की  डूब जाने की वजह से मौत हो गई है। सुरत शहर पिछले कई वर्षों से कुदरती या मानव निर्मित विपदाओं से झूझता रहा है।

<a href=”http://photobucket.com” target=”_blank”><img src=”http://i74.photobucket.com/albums/i278/nahar7772/surat2.jpg” border=”0″ alt=”सुरत में बाढ़”></a>

 मेरा सुरत जाना भी रुक गया है, परमपिता से प्रार्थना करते हैं कि सुरत शहर के नागरिकों को एक और मुसीबत को सहन करने की शक्ति देना।

Advertisements

2 Responses to “सुरत में बाढ़: छुट्टी कैंसिल”

  1. दुख हुआ जानकर। मैरे घरवाले पानी से अभी तक बचे हुए हैं। शुक्र है

  2. हृदय विदारक दृश्य टीवी पर देखता हूं. प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए व्यवस्थित उपाय ढूंढने चाहिए. इस तरह तो सैकड़ो गांव-शहरों को डूबते देखना मूर्खता होगी. परिचर्चा में इसी विषय पर शुरू हुए थ्रेड पर अपने सुझाव अवश्वय दें.

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

 
%d bloggers like this: