॥दस्तक॥

गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में, वो तिफ़्ल क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चलते हैं

ये स्वयं सेवी संस्थाऐं ?

Posted by सागर नाहर on 3, नवम्बर 2006

लो जी अब अपनी तथाकथित  समाज सेवी संस्थाएं अमिताभ बच्चन के पीछे पड़ी है क्यों कि वे अपने पौत्र का मुँह जल्दी से जल्दी देखना चाहते हैं। आप कहेंगे भाई अगर अमिताभ अपने पौत्र का मुँह जल्दी देखना चाहते है तो इसमें उन संस्थाऒं को क्या तकलीफ़ है? है भाई उन्हें बहुत बड़ी तकलीफ़ है, आईये पूरी बात बताते हैं।

हुआ यूँ कि बनारस के  एक मंदिर में एक मंदिर में दर्शन करने के बाद अमिताभ बच्चन ने पत्रकारों ने कहा कि वे चाहते हैं कि जल्द से जल्द उनके पुत्र अभिषेक का विवाह हो जाये ताकि वे अपने पौत्र का मुँह देख सकें!  उनकी इस टिप्पणी पर होशियारपुर की एक संस्था “सवेरा” के अध्यक्ष अवनीश जौहरी के पेट में बड़ा दर्द होने लगा है उनका कहना है कि अमिताभ बच्चन की इस टिप्पणी से मादा भ्रूण हत्या और लिंगभेद को प्रोत्साहन मिलता है, और देश में पहले से ही महिलाओं की संख्या कम हे और ऐसे में अमिताभ की यह टिप्पणी  भ्रूण हत्या को बढ़ावा देगी।
संस्था के अध्यक्ष चाहते हैं कि अमिताभ को यह निवेदन जल्दी से जल्दी वापस लेना चाहिये।
क्या कहते हैं आप?
आप गुजराती जानते हैं तो यह समाचार यहाँ पढ़ें

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8 Responses to “ये स्वयं सेवी संस्थाऐं ?”

  1. मुझे नही लगता है कि बच्‍चन परिवार 10-20 लडकियो का पालन पोषण नही कर सकता है। या अमिताभ जी को लडकी की शादी की फिक्र होगी। अमिलाभ जी चाहे तो एक मंडप से खडे-खडे 10-20 हजार बलिकाओं का कन्‍या दान कर सकते है। यह तो केवल संस्‍थाओ द्वारा फेमस होने का तरीके है।

  2. bhuvnesh said

    “आप कहेंगे भाई अगर अमिताभ अपने पौत्र का मुँह जल्दी देखना चाहते है तो इसमें उन संस्थाऒं को क्या तकलीफ़ है?”
    अरे भई जब ये संस्थायें इस बहाने जरा अपना नाम चमकाना चाहती हैं तो इसमें आपको क्या तकलीफ़ है?

  3. मैने यह खबर पढी तो सिर पीट लिया…… यह बाकि रह गया था…

  4. सब पब्लिसीटि का खेल है. यह अमिताभ भी जानते हैं, हम और आपभी जानते हैं, ये संस्थाएं भी जानती हैं. उझालने वाला मीडिया भी जानता है. मजे ले.

  5. ये जो पब्लिक हे ये सब जानती हे !!!

  6. नीरज दीवान said

    ऐसा नहीं है भाई, जानकारी यह है कि-
    गीतकार समीर पर लिखी किताब के विमोचन पर समीर का कहना था कि उनके पिता अनजान ने अमिताभ जी के लिए कई हिट गाने लिखे थे. खुद समीर ने बाबुल समेत कई फ़िल्मों में अमित जी के लिए गीत लिखे हैं. समीर का कहना था कि वे चाहते हैं कि उनका पांच वर्षीय बेटा आने वाले दौर में अभिषेक के लिए भी गीत लिखे. इस पर अमिताभ ने मुस्कुरा कर कहा कि वे चाहते हैं कि अभिषेक जल्दी से बेटा पैदा करे ताकि समीर का बेटा उनके लिए गीत लिखे.
    यह स्वस्थ माहौल में की गई टीप थी जिसके लिए अमिताभ को किसी भी मायने में दोषी नहीं ठहराया जा सकता. ये भ्रम मीडिया के उस वर्ग का फ़ैलाया हुआ है जो सपा पर निशाना साधने के लिए बिग बी को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश कर रहा है. कहने की ज़रूरत नहीं कि ये लोग किन पार्टियों के वरदहस्त पर अपने संगठनों की दुकानदारी चलाते हैं.

  7. नीरज दीवान said

    http://www.apunkachoice.com/scoop/bollywood/20061031-1.html यह रही ख़बर और यही सही है क्योंकि ऑफ़ द रिकॉर्ड यही कहते हुए सुना गया था वहां मौजूद पत्रकारों ने.

  8. ज्ञानी-जी said

    इन सब बातों का एक ही सार: हिन्दुस्तानियों से ज्यादा बड़े गधे, बेवकूफ और खाली दिमाग वाले लोग सिर्फ अरब देशों में ही मिलेंगे और कहीं नही. फिर भी –
    I love my India.
    India is great.

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