॥दस्तक॥

गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में, वो तिफ़्ल क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चलते हैं

संजय बैंगानी को दोहरी बधाई!

Posted by सागर नाहर on 6, जनवरी 2007

पहली बधाई तरकश की टीम को ” उभरते हुए हिन्दी चिठ्ठाकार २००६” को सफ़लता पूर्वक संचालित करने के लिये। जैसा कि लग ही रहा था कि गुरुदेव समीर लाल जी प्रथम आयेंगे और ऐसा हुआ भी। दुसरे स्थान पर भी लग रहा था कि उन्मुक्त जी आयेंगे और इस मामले में भी ऐसा ही हुआ परन्तु सबसे छुपे रुस्तम निकले अपने प्रिय शुऐब भाई । बिना शोर शराबे से बहुत कम प्रचार करने वाले शुऐब बाजी मार ले गये और उन्मुक्त जी के साथ संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त किया। नाचीज को भी तीसरा स्थान मिला, उसके लिये मैं आ सब मित्रों का जिन जिन ने मुझे इस लायक समझा, मुझे वोट दिया और मेरे चिठ्ठों पर बहूमूल्य टिप्पणियाँ की और समय समय पर मार्गदर्शन देते रहे। बाकी मुझ अकेले से इस स्थान तक पहुँच पाना संभव नहीं था। मैं उन सब को भी धन्यवाद देता हूँ जिन्होने मुझे मेल कर बधाई दी।

अब दूसरी बधाई की बात यह है कि

हम सबके प्रिय चिठ्ठाकार संजय भाई बैंगानी जी का आज 35वां जन्मदिन है, अपने अलग ही अंदाज में लिखने वाले और उसी के लिये जाने वाले संजय भाई राजस्थान के बीदासर शहर में 7 जनवरी 1973 को जन्मे संजय 1985 में सूरत आ गये, असम तक का चक्कर लगा लेने के बाद अभी अहमदाबाद में छवि नाम से अपनी विज्ञापन एजेंसी चलाते हैं। उनके बारे में ज्यादा जानकारी निरंतर पर उपलब्ध है ही।

आईये हम सब अपने प्रिय संजय बैंगानी को जन्मदिन बधाई देते हैं, संजय जी आप जियो हजारों साल और साल के दिन हो पचास हजार।

Advertisements

13 Responses to “संजय बैंगानी को दोहरी बधाई!”

  1. संजयजी को जन्मदिन की बहुत बहुत बधाईयाँ और आपको भी पुरस्कार के लिए

  2. आपको सम्मान के लिये और संजय भाई को उनके जन्म दिन पर ढ़ेरों बधाईयां और शुभकामनायें.

  3. उन्मुक्त said

    शंजय जी को जन्म दिन की बधाई और आपको पुरुस्कार जीतने की बधाई। अब कभी चिट्ठाजगत छोड़ने की बात मत कीजयेगा। देखिये आप से लोग कितना प्रेम करते हैं और आपको पसन्द करते हैं।

  4. सागरजी ऐसा तो नहीं की आपने सबको मेल कर धमकाया हो की मुझे वोट दो वरना चिट्ठा लिखना छोड़ दुंगा. 🙂 🙂 अन्यथा न ले. खुशी के मौके पर हँसी-मजाक चलता है.
    जन्मदिन की शुभकामनाओं के लिए आपका आभार व्यक्त करता हूँ.

  5. रे अबै छोड मति जाइज्यो भाईसा… लागेडा रीया इँयायी… ल्यो अब्ब रसगुल्लो खुवाओ ई बात पर.. 😉

  6. हार्दिक बधाई!

  7. सागर भाई,
    आपको उभरते हुए हिन्दी चिठ्ठाकार २००६ प्रतियोगिता मे सफ़लता के लिए बहुत बहुत बधाई।

    उम्मीद है आप यूं ही लगातार अच्छे लेख लिखते रहेंगे।

  8. premlatapandey said

    संजयजी को जन्मदिन की बधाई!
    आपको पुरस्कृत होने की बधाई!

  9. बहुत-2 बधाई सागर भाई, ऐसे ही लिखते रहिये

  10. डा. रमा द्विवेदी………

    समीर जी को प्रथम स्थान, उन्मुक्त जी ,और शुऐब जी को द्वितीय स्थान ,और अपने शहर के भाई सागर जी को तीसरा स्थान मिलने पर सभी विजेताओं को मेरी हार्दिक बधाईयां। तरकश टीम को सफल संचालन के लिए ढेरों बधाई।
    भाई संजय जी को जन्म दिन की अनन्त हार्दिक शुभकामनाएं एवं उज्जवल भविष्य के लिए शुभाशीष।

  11. सबको बधाई!

  12. सागर भाई, बहुत बहुत बधाई!

  13. सागर भाई

    बहुत बहुत बधाई! ऐसे ही लिखते रहें !

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

 
%d bloggers like this: