॥दस्तक॥

गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में, वो तिफ़्ल क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चलते हैं

April Fool

Posted by सागर नाहर on 2, अप्रैल 2007

अप्रेल फूल का मजा लूटने की इच्छा कई दिनों से थी पिछले साल तो नये नये थे और चिट्ठाजगत के नियमों और सभी सदस्यों से परिचित भी नहीं थे। अब सबसे परिचय भी हो गया है सो कल मौका मिला कल दो तरह से अप्रेल फूल बनाया। संजय भाई ने जीमेल पर चैट के दौरान संदेश दिया कि नारद में कुछ गड़बड़ है, नारद पर क्लिक करते  और  बुश का फोटो देखते सी सारा माजरा समझ में आ गया  हैडर पर नजर पड़ी तो लिखा था Error 420!! इस चार सौ बीस शब्द से पक्का हो गया कि  अप्रेल फूल बना रहे हैं संजय भाई!

संजय भाई मुझे अप्रेल फूल नहीं बना सके पर बाद में हम दोनों ने अपने अपने जीमेल के स्टेटस पर लिख दिया नारद बंद और नारद हैक्ड। बाद में बड़ा मजा आया, तुरंत ही जीतू भाई बोले क्या हुआ मैने उन्हें स्थिती बताई तो जीतू भाई ने अपनी चिरपरिचित  सलाह दी की ब्राऊजर को रिफ्रेश करो। इस तरह एक के बाद एक शाम तक लगभग १०-१५ शिकार बने।

दूसरा तरीका मैने अपनी इस पोस्ट  से आजमाया। पोस्ट तो आप सबने पढ़ी ही है। इस पोस्ट में जानबूझ कर गलतियाँ की पहली तो यह थी कि चयन समिती और ICC की एक गुप्त बैठक हुई लिखा, इससे प्रमेन्द्र जी शिकार बने और मैने इन मामलों में पैदल होने का बहाना बनाया उनका कहना था कि ICC  और चयन समिती की बैठक कैसे हो सकती है। पोस्ट का राज जल्दी खुल जाने की वजह से मैने  ICC को BCCI कर दिया। दूसरी जानबूझ कर की गई गलती थी चयन समिती के अध्यक्ष का नाम लिखा किरण मोरे! जिस पर नितिन बागलाजी के अलावा किसी का ध्यान नहीं गया।तीसरी गलती थी अजहरूद्दीन का नाम, जिस पर भी किसी का ध्यान नहीं गया क्यों कि बेचारे अज्जू मियां तो  प्रतिबंध झेल रहे हैं।  अंतिम गलती थी लिंक का नाम देना जिस पर अमित भाई कह रहे थे  कम से कम लिंक का पता तो बदल देते”

कल का दिन काफी मौज भरा रहा  पर कल की सबसे मजेदार  रही देबूदा की यह पोस्ट।

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10 Responses to “April Fool”

  1. 🙂

  2. हम तो बने बनाऐ मूर्ख बैठे थे, 🙂

    मै तो जान ही रहा था यह आपका फंडा था सो आपसे पहले बार्ता कर ली थी, और आपने कहा कि यह सत्‍य है तो मैने भी टिप्‍पणी का रूप बदल दिया अन्‍यथा गम्‍भीरता से लेकर काफी पोल खोज किया जा सकता है।

  3. 🙂 मजा आया!! 🙂

  4. SHUAIB said

    ha Ha

  5. कल मजा आया. नारद के साथ खिलवाड़ न कर कुछ लिखता तो शशिभाई कुछ नम्बर तो देते. 😦

  6. Hum ne aapne sabne April Fool banaya aur kisi aur ne bhi janta ko Afril Fool banaya. is post ko dekhne ka kast kare. http://merasapna.wordpress.com/2007/04/01/samajwadi-party-ka-april-fool/

    Main hindi kyon nahi likh pa raha hu iska bhi jikr hai.

  7. अभी ‘Bunch of Jokers’ में अप्रिल फ़ूल का झटका झेल ही पा रहे थे कि आज इसकी extension
    भी दिखाई दे रही है। भई, इस में भी कोई ‘कैच’ हो तो अगली पोस्टिंग में जरूर बताना।
    मजेदारी यह है कि आज की चिट्ठी पढ़ कर कल का भी पढ़ना लाज़मी हो गया।
    आनंद आगया।
    महावीर शर्मा

  8. अरे भाईसाब जैसाकि आपको पता ही है कि आपकी पोस्ट का पहला पाठक मैं ही था। तो मैं कल ही चैट पर आपसे लिंक बदलकर कोई रीडायरेक्टर सर्विस जैसे snipurl आदि लगाने को बोलने वाला था कि इतने में बात बदल गई और बाद में मैं भूल गया। क्योंकि आपकी पोस्ट पर उस लिंक के अलावा snippreview लगा होने से वो सब राज तत्काल खोल देता था। मेरा इस कमी पर ध्यान गया था पर आपको दोबारा बताना याद न रहा ।

  9. सही है! 🙂

  10. pbengani said

    मै थोडा स्मार्ट टाइप का हुँ 😉

    समझ गया था पहले ही.. 🙂 तोप हुँ ना.. हा हा हा

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