॥दस्तक॥

गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में, वो तिफ़्ल क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चलते हैं

कॉमेडी सर्कस बनाम फूहड़ता

Posted by सागर नाहर on 7, सितम्बर 2007

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स्टार वन पर लाफ्टर चैलेन्ज की सफलता के बाद मानो हरेक चैनल को कॉमेडी का चस्का लगा। और टी आर पी बढ़ाने का आसान नुस्खा लगा, इसलिये लगभग सारे समाचार चैनलों ने लाफ्टर चेलेन्ज के घिसे  पिटे चुटकुलों को अपने कार्यक्रम में शामिल  कर लिया।

सोनी चैनल भला पीछे क्यों रहता उसने भी टीवी के कुछ कलाकारों और पिटे हुए हास्य कलाकारों को मिलाकर एक कार्यक्रम बनाया जिसका नाम रखा गया “कॉमेडी सर्कस। शुरुआत के कुछ हफ्तों में तो ठीक ठाक चले परन्तु बाद में  इस कार्यक्रम का स्तर इतना गिरता गया कि जो अच्छे कलाकार थे बाहर निकल गये जैसे शकील और उर्वशी ढोलकिया। अली असगर, काशिफ खान, स्वप्निल जैसे कलाकारों  ने इस कार्यक्रम का स्तर इतना गिरा दिया कि इस कार्यक्रम को सपरिवार बैठ कर कोई देख भी ना सके। किरण करमाकर जैसे अच्छे कलाकार भी  फूहड़ता से अछूते नहीं रहे। कार्यक्रम में दर्शकों को हंसाने और जजों को रिझाने के लिये फूहड़ ढंग से महिलाओं के कपड़े पहनना, किन्नर बन कर आना आदि तरीके अपनाये जाने लगे।

अली असगर- काशिफ, स्वप्निल- वी आई पी  तो कई बार  महिलाओं के कपड़े पहने कर आये कभी हीर बने तो कभी किन्नर, जिन्हें देखकर घृणा हो जाये। यहाँ मैं तीन वीडियो बता रहा हूँ जिसे देख कर आप खुद ही समझ जायेंगे कि यह कॉमेडी है या निरी फूहड़ता।

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12 Responses to “कॉमेडी सर्कस बनाम फूहड़ता”

  1. rachna said

    bilkul sahi avlokan haen aap ka

  2. yunus said

    कॉमेडी के नाम पर स्‍लैपस्टिक और कचरा चीजें फेंकी जा रही हैं ।
    और कमाई की जुगाड़ बिठाई जा रही है ।
    कॉमेडी सर्कस इसी जुगाड़ का फूहड़ आयोजन बनकर रह गया है ।
    चैनल वालों के लिए खतरे की घंटी है ये

  3. हंसना भी पैसे का खेल हो जाए तो क्या करें?

  4. कॉमेडी सर्कस में तो अब हंसने की जगह कोफ्त होती है. महा रद्दी प्रोग्राम.

  5. मतलब फूहड़ता का बाजार गर्म है।

  6. मैं आपकी बात से सहमत हूं.

  7. Amit said

    अच्छा है, मैंने तो टीवी देखना लगभग बंद ही कर दिया है! समय मिलने पर या तो किताब पढ़ता हूँ या फिल्म देखता हूँ अथवा कार्टून। 🙂

  8. pankaj bengani said

    सत्य वचन

  9. नीरज दीवान said

    सरासर बकवास कार्यक्रम है.. लताड़ो.. काहे को चिपका दिए ऐसे वाहियात कार्यक्रम दादा..

  10. Moonie said

    बिल्कूल सही कहा आपने! एक्दम बकवास हो गये हे यह हास्य कार्यक्रम, वह सिधू क्यो हसते है समझ नही आता!!!

  11. Surendra Yadav said

    abcdif

  12. ravi said

    बिल्कूल सही कहा आपने! एक्दम बकवास हो गये हे यह हास्य कार्यक्रम, वह सिधू क्यो हसते है समझ नही आता!!!

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