॥दस्तक॥

गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में, वो तिफ़्ल क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चलते हैं

कविवर सचिन तेन्दुलकर जी

Posted by सागर नाहर on 31, अक्टूबर 2007

कल रात टीवी पर समाचार देख रहा था कि एक समाचार लगभग सारे समाचार चैनलों पर आने लगा, वह समाचार था कि मुम्बई के शिवाजी पार्क स्टेडियम में सचिन द्वारा कविता पाठ। समाचार में बताया जा रहा था कि  सचिन तेन्दुलकर ने एक समारोह में अपने स्व. पिता की कविताओं का पाठ किया  परन्तु आश्‍चर्यजनक बात यह थी कि सारे चैनल (खासकर एनडीटीवी और आजतक) सचिन को कवि के रूप में बता रहे थे और टीवी की स्क्रीन पर बड़े बड़े अक्षरों  में लिखा हुआ आ रहा था कि  सचिन अब कवि की नई भूमिका में!

भाई मुझे तो यह समझ में नहीं आया कि अपने स्व. पिता की कविताओं का पाठ करने से  सचिन कवि कैसे बन गये? उन्होने अपनी लिखी कविताओं का पाठ तो नहीं किया था। समाचार के अगले हिस्से में कवि! सचिन से साक्षात्कार में पत्रकारों से सचिन कह रहे थे मुझे जब इस कार्यक्रम का न्यौता मिला मैने घर जाकर पिताजी की लिखी किताबों को खंगाला! आगे सचिन कहते हैं मैं उन किताबों में से  अंजली के सामने दो लाईनें भी नहीं पढ़ पाया। जब सचिन इतना साफ साफ कह रहे  थे कि उन्होने अपने पिताजी की कविताओं का पाठ किया है पर समाचार वाले माने तब ना! इस तरह तो कई बार अमिताभ बच्चन, अपने  स्व. पिता डॉ हरिवंश राय बच्चन की कविताओं का मंचों पर पाठ करते हैं तो क्या  अमिताभ भी कवि कहलाये जायेंगे?

अगर इस तरह दूसरों की कविताओं का पाठ करने से कवि कहलाया जा सकता है मुझे लगता है किसी कार्यक्रम में मुझे भी मधुशाला का  पाठ कर ही लेना चाहिये।

पिछली पोस्ट : हमहूँ छप गईले अखबार मां

Technorati Tag:

Advertisements

17 Responses to “कविवर सचिन तेन्दुलकर जी”

  1. Bahut khoob

  2. balkishan said

    आपकी पीड़ा जायज़ है. मैं इसका समर्थन करता हूँ. आप पाठ आरंभ करें हम आपके साथ है.

  3. इस नाते तो मैं बहुत बड़ा साहित्यकार हूँ भाई.
    “सचिन द्वारा कविता पाठ।” यह तकनीकी रूप से सही है, हाँ सचिन को कवि कहना गलत है.

  4. हमने भी देखा, सुना यह समाचार.

  5. सागर भाई प्रश्न अच्छा उठाया है यह कला है हो सकता है कवि का बेटा कवि बन जाये मगर पिता की लिखी कविता पढ़कर कभी कवि नही कहला सकता…

  6. चैनल वालों और मीडिया के अंधेपने की बात जितनी की जाए, उतनी ही कम है। अभी इन्होंने एजेंसी की खबर पर मुकेश अंबानी को दुनिया का सबसे अमीर आदमी बना दिया, जबकि हकीकत ये है कि वे अब भी लक्ष्मी मित्तल से थोड़ा पीछे हैं।

  7. ritu bansal said

    बड़ी सूक्ष्म दृष्टि है आपकी । हमारे मीडिया वाले ऐसी गलतियाँ अक्सर करते हैं । इस ओर ध्यान दिलाने के
    लिए धन्यवाद तथा आपकी सूक्ष्म दृष्टि को बधाई ।

  8. लो आप मधुशाला पढ़ोगे तो आप कैसे कवि कहलाओगे, हां मिडिया वाले अमिताभ को जरूर कवि कह सकते हैं मधुशाला पढ़ने पर्…भई, बारीकी समझो न हरिवंश अमिताभ के पिता, जैसे रमेश तेन्दुलकर सचिन के पिता तो वो कवि( आधा पौना ही सही) कहलाए जा सकते है पर आप नहीं , घर पर पिता जी के पुराने संदूक में से खंगाल कर देखिएगा, शायद आप कवि बन जाएं

  9. अनिताजी का कहा आप मान ही लीजीये । हो सकता है आप को कवि मान ही लिया जाय।
    मीडिया की बात को क्या दिल पर लेना ।

  10. kakesh said

    धन्य हैं आप भी कवि महोदय.

  11. yunus said

    चैनल एक बदहवासी में काम कर रहे हैं । उन्‍हें दिमाग़ लगाने में ज़रा संकोच ही होता है ।
    हां इस बात पर दिमाग़ ज़रूर लगा लिया जाता है कि किस हैडिंग से, किस सुरखी से कितना
    टी आर पी बटोरा जा सकेगा । इसीलिए सचिन कवि हैं । इसीलिए एक बार खबर ठेली जाती है फिर उसे वापस खींच लिया जाता है । इसीलिए बार बार माफी मांगनी पड़ती है । इसीलिए श्‍मशान, खून खराबा, कॉलगर्ल, अजगर मगर सांप, गिनीज़ रिकॉर्डों, ऐश्‍वर्याओं के करवा चौथ वग़ैरह में उलझे चैनलों को असली ख़बरें दिखती ही नहीं ।

  12. यह सचिन के साथ आप सरासर ज्यादती कर रहे हैं सागर जी ! राजीव जी राजनीति में आए बिना ही राजनेता मान लिए गए थे , ये बात और है कि बाद में वे बन भी गए । ऐसे ही सोनिया जी , राहुल आदि के साथ हुआ । तब तो आप कुछ नहीं बोले । अब बेचारे सचिन जी के कवि कहलाने में ये हाय तौबा ! बहुत अन्याय है यह तो ! 😀
    घुघूती बासूती

  13. Ramashankar Sharma said

    भाई साहब सारे दर्शक आपकी तरह दिमाग लगाकर थोड़ी देखते है. ज्यादा तर लोग बगल मैं दिमाग रख देते हैं फिर खबर देखते हैं दूसरे दिन फिर दिमाग फिट करके सोचते हैं कि खबर सही थी की नहीं. इसलिये मेरी सलाह मानिये आप भी ऐसा किया कीजीए नहीं तो लगातार दिमाग खर्च करते रहे तो फिर,,, 😀

  14. ओह्हो तो क्या हम पक्का मान कर चलें की बहुत जल्दी ही हमें भी एक काव्य पाठ समारोह का न्योता मिलाने वाला है?? अभी से बधैया स्वीकार करें श्रीमान..

  15. RAJEEV said

    I LOVE YOU

  16. surenndra kumar yadav said

    media media nhi rhi

  17. यह तो सचिन जी का अपमान हैं।

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

 
%d bloggers like this: