॥दस्तक॥

गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में, वो तिफ़्ल क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चलते हैं

दानवीर कर्ण अफ्रीका में जन्मे थे!

Posted by सागर नाहर on 1, जनवरी 2008

चिट्ठाजगत प्रतियोगिता में विजेता प्रविष्टी
चजई (चिट्ठाजगत) में तृतीय पुरुस्कार विजेता प्रविष्टी

मैने अपना पहला पहला  मेल आई डी याहू में सन 1997  में बनाया था,  जिस दिन से मेरा आई डी बना उस दिन से आज तक औसतन महीने की दस  से बीस  मेल मिलती है.. मैं फलाणां बैंक का मैनेजर ढींमका हूँ। हमारे बैंक के एक खातेदार मिस्टर नाहर अरबों रुपये की दौलत अपने पीछे बैंक में छोड़कर स्वर्गवासी हो गये हैं। अब चूंकि आप भी नाहर हैं सो इस दौलत पर आपका हक बनता है सो हम आपको उस दौलत का एक छोटा सा हिस्सा यानि २ मिलियन डॉलर आपको देना चाहते हैं… लीजिए २ मिलियन उनके लिये मामूली रकम है।
कभी मेल आती है आपके मेल आईडी ने हमारी ओनलाईन लॉटरी में  २० मिलीयन का पहला इनाम जीता है.. शायद मेरे नये पुराने मिलाकर पाँच छ: आई डी होंगे, उनमें अगर रिडिफ को छोड़ दिया जाये तो महीने की लगभग सौ मेल मिलती है  और उन सब में  रकम  दो चार मिलीयन डॉलर से नीचे कभी नहीं होती।

( रिडीफ की कहानी कुछ अलग ही है; रिडीफ में इस  तरह की मेल नहीं तो आती, पर दूसरी फालतू की मेल रोज की बीस के हिसाब से आती है. मसलन शॉपिंग, बीमा ज्योतिष आदि, आप डीलीट करते करते थक जाओ पर वे दूसरी भेज देंगे)

अब महीने की सौ  और साल की लगभग 1200 मेल और दस साल में 12000 मेल… 12000 मेल में औसतन २० मिलीयन डॉलर … भारतीय मुद्रा में… आगे हिसाब नहीं आता, आलोक पुराणिकजी मदद करिये!

आज तक जितनी मेल मिली है अगर वास्तव में वो सारा पैसा मुझे  मिल जाता तो  अब तक दो चार अमरीका और एकाद चीन  तो अपन खरीद चुके होते। 🙂

सबसे बड़े   आश्‍चर्य की बात यह है कि यह  है कि आज तक जितनी मेल मुझे मिली है वे सब की सब अफ्रीका से आई थी, एक भी किसी  और देश से नहीं।  कई देश के तो नाम ही ऐसे होते हैं कि पढ़ कर  हंसी आती है, मसलन lome-Togo! इस देश से Ecobank PLC के रीजनल मैनेजर  Mr Walla K.Kadanga  मुझे 4.5M(Four million five hundred thousand United States Dollars)  लेने का आग्रह कर रहे हैं, मैं बड़े धर्म संकट में फंस गया हूँ कि इतनी दौलत लूं या ना लूं? उनका इतना आग्रह कैसे टालूं मैं? मैं तो वैसे भी आग्रह का जरा कच्चा हूँ।

तो क्या यह समझा जाये कि या तो दानवीर कर्ण अफ्रीका में जन्मे थे इसलिये उनके वशंजों में दान देने की प्रवृति का जीन अब तक उनमें  है या फिर    दानवीर कर्ण अब अफ्रीका में जन्म लेने लगे हैं।

तीन चार दिन पहले मेरे एक नियमित ग्राहक दुकान में आये  और जब  केबिन में बैठने लगे उनके मुंह से धीमे  से यह निकला साले सब  के सब !@#$%^&*()  बनाते हैं। बाद में उन्होने एक मेल का प्रिंट आऊट निकाला और मुझे कहा इसे पढ़ो,  इमेल लिखने वाले का पता देखते ही मैने उन ग्राहक से कहा यह तो फर्जी मेल है, आपने इसका जवाब तो नहीं दिया? कहीं आपने अपने क्रेडिट कार्ड का नंबर या बैंक खाते का नंबर तो नहीं  दिया ना?

मेरे इतना कहते ही उनके चेहरे का बल्ब जैसे फ्यूज हो गया  और वे कहने लगे नहीं नहीं.. मैने  नहीं दिया।  उनके चेहरे को देखते और  उनके मूंह से निकली गाली से साफ महसूस हो रहा था कि भाइ साहब किसी  बैंक मैनेजर (?) के झांसे में आकर अपने क्रेडिट कार्ड या खाते का नंबर  दे बैठे हैं।

पुनश्च: जब मैं यह प्रविष्टी लिख रहा हूँ और मुझे अफ्रीका से एक मेल मिली है।

The Ecowas Donation has chosen you by the board of trustees as one of  the
final recipients of
a Cash Grant/Donation for your own personal educational and business development. To celebrate the 30th anniversary 2007 program We are giving out a yearly donation of US$500,000.00 to 10 lucky recipients as charity donations.

For Payment Remittance Contact
Mr. Edwin Jonhson via email below,
ecowas.africa@XXXXX.XXX

देखिये  मुझे  ५० हजार डॉलर मिल रहे हैं ले लूं क्या?

आप सब को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें

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18 Responses to “दानवीर कर्ण अफ्रीका में जन्मे थे!”

  1. parulk said

    दानवीर कर्ण अफ्रीका में जन्मे थे……पता न था……वैसे
    नव वर्ष की बधायी आपको

  2. मुझे अब तक कई करोड़पति लोग अपना वारिस बनाने को तैयार थे, वो तो मैं तैयार नहीं हुआ वरना आप तो जानते ही हैं की….:)

    ईशा के नए साल की ढ़ेरों शुभकामनाएँ.

  3. ले लीजिये ना भाई साहब, जब इतने प्रेम से दे रहे हैं, और वो भी एक गरीब देश से… तो ले ही लीजिये अब तो… उनसे कहिये कि पहले मेरे अकाऊंट में पैसे ट्रांसफ़र करो, फ़िर उसके आधे मैं तुम्हें दे दूँगा…

  4. सही है!!
    नया साल आपको पहले से और भी बेहतर कुछ दे जाए! नए वर्ष की शुभकामनाएं

  5. rachna said

    नव वर्ष मंगल मय हो
    मय से दूर रहे तभी मंगल होगा

  6. vimal said

    मुझे लगता है ऐसा सबके साथ है, मैं तो डीलिट ही करता हूं,नये साल में कम ॓%६ बने यही उम्मीद है नये साल से,साल मुबारक !!

  7. जितने पैसे अफ्रीकी कर्ण लोग मुझे दे रहे थे, उतने में तो मैं और मेरी सात सौ पुश्तें मजे में रहतीं। पर क्या बताये! 🙂

  8. ले ही लीजिए रुपये कम से कम न्‍यूईयर पार्टी ही हो जाएगी- लास वेगास में हिंदी चिट्ठाकारों की न्‍यूईयर पार्टी. अहा क्‍या धांसू न्‍यूज बनेगी. सच्‍ची हम सब ब्‍लागर लोग तो सेलेब्रिटी हो लेंगे..

    नववर्ष की शुभकामनाएं

  9. mehhekk said

    hey hey very funny blog enjoyed,happy new year

  10. yunus said

    सागर भाई बहुत बहुत शुभकामनाएं नववर्ष की । दानवीरों से आपको मुक्ति मिले या फिर असली दानवीरों की सेना आपके नसीब में हो । शुभकामनाएं

  11. आपने कमजर्फों से वाकिफ कराया.
    ये मेलें हमें भी आती हैं कोई विधवा है अपना सारा धन देके सधवा होना चाहती है.हमने कई बार सोचा कोई हमें पत्थर मारने को तैयार नहीं.किसी को हमसे इश्क लड़ाना है.भइया हम तो तुरंत समझजाते हैं
    कि ये लुच्चे हैं अपना खेल कर रहे हैं.

  12. अब अफ्रीका की गरीबी का कारण समझ में आया । अपना सारा माल सारे संसार को दान करते करते गरीब हो गए हैं ।
    नववर्ष की शुभकामनाएँ ।
    घुघूती बासूती

  13. दिल बहलाने को यह ख़्याल अच्छा है
    लेकिन नाहर जी, मालामाल वीकली के ओमपुरी ( यानि कि मैं )को न भूलियेगा । माल आने की आहट मात्र से सगों संबन्धियों की बाढ़ आ जाती है, फिर मैं तो आपके इकलौते जोरू का अकेला पैदा हुआ इकलौता जुड़ँवा भाई हूँ ।

  14. मजेदार शानदार लज्जतदार पोस्ट । बधाई।
    नए साल की भी बधाई।

  15. दीपक said

    भाई सा साझेदारी कर लिजिये अभी से बाद मे कही आप पह्चानने से इन्कार कर दिये तो.:)
    नववर्ष की शुभकामनाएँ

  16. fan said

    it is nice, it is now prooved that A lot of helping nature people like “Karna” are only from of AFRICA.

  17. amit said

    इस तरह की ईमेलें मैं भी शुरु से झेल रहा हूँ। इसी के चलते मैंने अपना indya.com वाला खाता छोड़ दिया था। और शुरु से इन ईमेलों को सेलेक्ट कर “स्पैम” बटन पर क्लिक भी करता आ रहा हूँ, याहू/जीमेल में तो काम करता है, एकाध ही कोई ईमेल इनबॉक्स में आती है अब ऐसी नहीं तो लगभग सभी स्पैम वाले फोल्डर में जाती हैं। 🙂

  18. Lokesh said

    Daan nahi dete hain,Bheekh nahi lete hain
    Ye Karn Nahi hain,Rawan hain
    Sab Kuch hadap kar lete hain
    PS- Swaranmrig ke peeche na bhagen na bhgayen

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