॥दस्तक॥

गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में, वो तिफ़्ल क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चलते हैं

1970 में भी चिट्ठे लिखे जाते थे?

Posted by सागर नाहर on 21, मार्च 2009

चिट्ठाजगत.इन से लिया गया यह स्क्रिन शॉट तो यही कहता है! 🙂

chitthajagat.in

chitthajagat.in1

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16 Responses to “1970 में भी चिट्ठे लिखे जाते थे?”

  1. rachnasingh said

    kya baat haen . jaraa chitr kuch jyadaa pixel wala daaely to jyadaa ubhar kar aaye

  2. चलो जी इस बहाने आपके दर्शन तो हुए.

    अजब तकनीकी पंगा है….चि.ज. क्या कहता है, यह देखना है 🙂

  3. 🙂 🙂

  4. Lovely said

    🙂 ज्ञानवर्धक जानकारी ..आभार हा हा हा 🙂

  5. mamta said

    सच में ! 🙂

  6. चिठ्ठाजगत आर्काइव्स दिखाने के लिये शुक्रिया!

  7. कलियुग है भाई, कुछ भी हो सकता है.
    चिट्ठाजगत की तकनीक को बधाई, चिट्ठों के प्राक इतिहास को दिखने के लिए.

  8. मेरा मतलब था “दिखाने” के लिए.
    “दिखाने” को “दिखने” दिखाने के लिए गूगल इंडिक ट्रांसलिटरेशन टीम को भी बधाई

  9. amit said

    तकनीकी पंगा क्या है वो मैं बताए देता हूँ। तारीख क्या है चित्र में वह मैंने नहीं देखी लेकिन यदि आप 1970 कह रहे हैं तो वह 1 जनवरी 1970 होगी क्योंकि यूनिक्स अथवा लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में सबसे पहली तारीख यही होती है (इस बारे में यहाँ पढ़ें) और विन्डोज़ में यह 1 जनवरी 1900 होती है।

    चिट्ठाजगत एग्रीगेटर PHP प्रोग्रामिंग भाषा में लिखा गया है और PHP में date फंक्शन यूनिक्स टाइमस्टैम्प (timestamp) को पढ़े जा सकने वाली तारीख दिखाने के लिए प्रयोग में आता है। यूनिक्स टाइमस्टैम्प “1 जनवरी 1970” के बाद से बीते हर सेक्न्ड का जोड़ होती है और यदि इस date फंक्शन को दी गई टाइमस्टैम्प शून्य होती है अथवा होती ही नहीं तो यह 1 जनवरी 1970 तारीख के रूप में दिखाता है।

    अब यहाँ हुआ यह होगा कि फीड में उक्त पोस्ट की छपाई की तारीख नहीं आई होगी या गलत होगी (बोले तो 1970 से पहले की) तो इसलिए यहाँ पर 1970 वाला मामला हो गया होगा! कुछ और कारण भी हो सकता है जो कि विपुल जी ही बता सकते हैं, लेकिन मामला फीड में मौजूद गड़बड़ी का ही दिखता है! 🙂

  10. बग रिपोर्ट का शुक्रिया

    थोड़ा तकनीकी मामला है

    कैशे में पुराने (यहाँ जनवरी) के पोस्टों का बयोरा नहीं होता तो तारीख ० हो रही थी, अब सीधे डीबी से आ रही है

    शुक्रिया

  11. बहुत बढ़िया आपके चिठ्ठे की चर्चा समयचक्र में आज

  12. किसी तकनीकी उलझन के चलते ऐसा हो गया होगा। चिट्ठाजगत् का ध्यान जाने पर वे इसे सुधार लेंगे।

    पर आपकी नजर, कमाल है।

  13. santhosh said

    Hi, it is nice to go through ur blog…well written..by the way which typing tool are you suing for typing in Hindi..?

    i understand that, now a days typing in an Indian language is not a big task… recently, i was searching for the user friendly Indian language typing tool and found.. ” quillpad”. do u use the same..?

    Heard that it is much more superior than the Google’s indic transliteration…!?

    expressing our views in our own mother tongue is a great feeling…and it is our duty too…so, save,protect,popularize and communicate in our own mother tongue…

    try this, http://www.quillpad.in
    Jai..Ho…

  14. सागर जी
    क्या ये लिंक उपलब्ध है
    अच्छे सूचना परक आलेख के लिए आभार

  15. मैं कमेन्ट नहीं करूंगा. कंप्यूटर पर काम करता हूँ और उसके कितने ही मजाक भुगत चूका हूँ. 🙂

  16. suman said

    nice

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