मदद चाहिये
Posted by सागर नाहर on 7, February 2007
आज एक समस्या का निदान चाहने के लिये यह चिट्ठा लिखा है, क्यों कि हिन्दी में ऐसा कोई फोरम नहीं है जिसमें तकनीकी प्रश्नों की चर्चा की जा सके या निराकरण पाया जा सके।
मेरे कॉफे में फिलहाल 6 कम्प्यूटर LAN से जुड़े हैं। टाटा का एक कनैक्शन लेकर राऊटर से मैने सभी कम्प्यूटर को शेयर किया हुआ है। IP मैन्युअली दिये हुए हैं और ऐसा पिछले दो साल से चल रहा है। तो मेरी परेशानी यह है कि पिछले कुछ महीनों से प्रिंटर में दो दिन- तीन पहले दिये हुए प्रिंट फिर से आने लगते हैं, प्रिंटर HP 1000 है। कई बार तो किसी ग्राहक के लेटर पैड पर किसी और का मैटर छप जाता है, तो कभी कभी कॉफे में एक भी ग्राहक नहीं होने पर ही प्रिंटर से प्रिंट निकलने चालु हो जात्ते हैं। कहीं कुछ भूत प्रेत का चक्कर तो नहीं है ? स्वामी समीरानन्द जी?
एक कम्प्यू्टर से प्रिंट देने के बाद एक पेज अलग से छप कर आता है जिस पर यह लिखा रहता है-
यहाँ बताया गया नाम Spider3 मेरे कम्प्यूटर का नाम है मैने इसी तरह सभी को नाम दे रखे हैं, Spider1,2,3….।
मैने सारे कम्प्यूटर को एक से ज्यादा बार फॉरमेट कर दिया है प्रिन्टर को तो पचास बार uninstall और install कर दिया है पर यह समस्या मिटती नहीं, प्रिंटर की प्रोप्रर्टीज देखने पर कोई पेन्डिंग प्रिंट नहीं बताता है फिर ऐसा क्यों हो रहा है। कोई मेरी मदद करेगा?


7, February 2007 at 4:04 pm
Check printer setting whether Spooling is on or not. Make sure spooling should be switched off.
Brijesh
7, February 2007 at 4:08 pm
I have seen your photo now.
You may have a Macro virus. It is with MS Word.
Clean you MS Wrod.
Brijesh
7, February 2007 at 4:22 pm
भाईसा ,
ऑफिस में ही बग लगता है, वायरस भी हो सकता है. ओफिस फिर से डालकर देखिए.
वैसे परिचर्चा मे ऐसे सवाल पूछे जाते हैं, नहीं? पता नहीं मुझको खाली पुछ रहा हुँ
7, February 2007 at 4:35 pm
मेरा ख़याल है ये वायरस का ही मसला है। क्या आपने ट्राई किया MS प्रोग्राम्स से हट कर किसी दूसरे प्रोग्राम से प्रिंट लिया???? अगर नहीं तो ट्राई कीजिये - सिर्फ फॉरमेट करलेने से कुछ नहीं, मसला साफ्टवेयर प्रोग्राम का भी होसकता है जिसके अंदर मियां वायरस छुपे हों।
7, February 2007 at 5:21 pm
सागर भाई,
मुझे ये वायरस की समस्या ही लग रही है। शुएब सही कह रहे है कि फार्मेट करने से ही काम नही चलेगा। हो सकता है कि जिस सी डी से आप इनंस्टाल कर रहे है उसमे ही वायरस हो ! दूसरी समस्या यह है कि यदि एक कम्प्युटर मे वायरस हो तो वह सारे नेटवर्क के कम्प्युटर मे फैल जाता है। आपको सफाई अभियान एक एक कर करना होगा और जब तक सारे कमयुटर साफ नही होजाते उन्हे नेटवर्क मे मत डालीये।
आप ऐसे प्रश्न परिचर्चा मे पूछ सकते है, इतने सारे धुरंधर बैठे हुये है!
7, February 2007 at 5:57 pm
हे हे भाईसाहब, उपाय पंडित जी बताते हैं। प्रिंटर से प्रिंट निकालकर उसे एक काले कपड़े में बांधकर शनिवार के दिन रात १२ बजे श्मशान में पीपल के पेड़ के नीचे ये मंत्र तीन बार पढ़कर गाड़ दें।
7, February 2007 at 7:56 pm
यही होता है उपाय, सागर भाई पंडितों के चक्कर में पड़ कर. इसीलिये पंडित और साधु अलग अलग स्थान रखते है. पंडित सस्ते जरुर पड़ते हैं मगर उपाय भी बस यूँ ही रहते हैं.

तो अब सुनो-आपने हमसे ज्ञान माँगा है तो जरुर मिलेगा:
अगर आपके प्रिंट को ध्यान से देखा जाये, तो प्रथम पंक्ति में ही आप पायेंगे कि यह नाग सर्प योग है और वो भी ऐसा वैसा नहीं एकदम लेटेस्ट (Nagaraj-latest).
उपाय तो यह करें कि जब भी प्रिंट होने लगे या करें ( क्योंकि आपने बताया कि अपने आप भी होने लगता है) तो तुरंत बीन बजाने लगे पूरी धुन में, फिर भी अगर आराम न लगे, तब यज्ञ करना पड़ेगा, जो अलग से बताऊँगा, पहले यह अजमा लें.
7, February 2007 at 8:53 pm
ये वायरस का ही मसला दिखता है, अब आपकी तो वैसे ही लगी पडी है इसलिये आप इस साफ्टवेयर को ट्राइ मार सकते हैं। ये फ्री का ऐटी वायरस है लेकिन हमने ट्राई नही किया। हो सकता है ये उस वायरस को निकाल सके
http://free.grisoft.com/doc/1
7, February 2007 at 9:44 pm
@ बृजेश जी
स्पूल सैटिंग तो सही है शायद आप कह रहे हैं वैसा Macro Virus की तकलीफ हो उसे मिटाने की कोशिश कर देखता हूँ।
@ पंकज भाई
ऑफिस के २००० से लेकर Xp सब बदल कर देख लिये हैं बाद में आप सब को परेशानी बताई है।
@ शुऐब भाइ
जी सिर्फ़ ऑफिस नहीं पर कई बार तो मेल से दिये प्रिंट भी रिपीट होते हैं।
@ आशीष भाई
यह भी कर देखता हूँ मेरे एक मित्र की Cd से इन्स्टाल कर देखता हूँ।
@ तरूण भाई
यह आईडिया कर देखता हूँ वैसे मैने AVG तो लगाया हुआ है पर एक बार नया वर्जन ट्राई करते हैं।
7, February 2007 at 9:47 pm
@ समीर लाल जी और श्रीश जी

सब उपाय करने के बाद भी मसला हल नहीं हुआ तो आपके उपाय भी आजमाने होंगे देकते है किसकी जीत होती है तकनीक की या टोटके की।
8, February 2007 at 12:58 pm
यह किसी trojan की करिस्तानी लगती है। AVG free और adware se 1.06 से स्कैन करायें।
9, February 2007 at 2:37 pm
bhagwan bachaye in virus trojens se to, hum bhi bhugatbhogi hian …
28, March 2007 at 1:49 pm
Arey Bhai tumne sahi socha JARUR KOI BHOOT VOOT KA CHAKKAR HAI!! B HAAGO RE…..