॥दस्तक॥

गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में, वो तिफ़्ल क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चलते हैं

चित्र पहेली २

Posted by सागर नाहर on 22, अप्रैल 2006

चलिये जब पहेलियों की बात चली है तो एक चित्र पहेली और आपके लिये,यहाँ प्रस्तुत चित्र एक दक्षिण भारतीय मन्दिर का है, इस मन्दिर कि विशेषता यह है कि………………नहीं, जब विशेषता बता दी तो फ़िर पहेली क्या रही, और हाँ पिछली बार जो गल्ती हुई वो इस बार नहीं दोहराऊँगा. फोटो पर माऊस रखने से इस बार मन्दिर का नाम पता नही चलेगा जैसे पिछली बार सभी सावित्री बाई का नाम जान गए थे.
कड़ी : रामायण के लंका काण्ड में एक प्रसंग है जब भगवान श्री राम श्री रामेश्वरम से लंका तक पुल बनाने के बारे में सोचते हैं……..और हाँ यह मंदिर लगभग 900 वर्ष पहले बना था. बस इतना हिन्ट काफ़ी है, क्यों ठीक है ना………?आजकल टिप्पणियाँ धीरे धीरे काफ़ी कम होती जा रही है, चिठ्ठे अच्छे या बुरे हों, अच्छी या खराब टिप्पणी तो दें.

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4 Responses to “चित्र पहेली २”

  1. हार गए सागरभाई. यार ये टोपिक मेरे बस का नही.

  2. मै गया तो हूँ पूरे दक्षिण भारत भ्रमण पर और रामेश्वरम पसंद भी बहुत आया था, मगर फ़ोटो से कुछ और कुछ आपके हिंट से लगता है कि रामनाथ स्वामी मंदिर (शिव जी का) है क्या? जो सेतु बनते वक्त राम चन्द्र जी ने शिव स्तुति के लिये बनवाया और वापिसी मे आर्शीवाद प्राप्ती हेतु रुके थे.

  3. लंका कांड से:

    (चौपाई)
    सैल बिसाल आनि कपि देहीं। कंदुक इव नल नील ते लेहीं ॥
    देखि सेतु अति सुंदर रचना। बिहसि कृपानिधि बोले बचना ॥ १ ॥
    परम रम्य उत्तम यह धरनी। महिमा अमित जाइ नहिं बरनी ॥
    करिहउँ इहाँ संभु थापना। मोरे हृदयँ परम कलपना ॥ २ ॥
    सुनि कपीस बहु दूत पठाए। मुनिबर सकल बोलि लै आए ॥
    लिंग थापि बिधिवत करि पूजा। सिव समान प्रिय मोहि न दूजा ॥ ३ ॥
    सिव द्रोही मम भगत कहावा। सो नर सपनेहुँ मोहि न पावा ॥
    संकर बिमुख भगति चह मोरी। सो नारकी मूढ़ मति थोरी ॥ ४ ॥
    (दोहा)
    संकर प्रिय मम द्रोही सिव द्रोही मम दास।
    ते नर करहि कलप भरि धोर नरक महुँ बास ॥ २ ॥

  4. मुझे दक्षिण भारत जाने का सौभाग्य तो नहीं प्राप्त हुआ है| पर निम्नलिखित वर्णन इसी मंदिर का तो नहीं है?
    Sankaranarayanar Temple at Sankaran Koil near Tirunelveli: This 900 year old temple enshrines Vanmikanathar – Prithvilingam, Gomathi Amman and Sankaranarayanar – a personification of the unity of Shiva and Vishnu. This temple is surrounded by high walls and the tower has many beautiful images. The Sankaranarayanaswami image has both the symbols of Shiva and Vishnu. The stone idol of Nataraja is unique.

    जी.के. अवधिया
    http://ramkatha.agoodplace4all.com

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