नीलिमाजी, मेघदूत और खुल्लम खुल्ला प्यार
Posted by सागर नाहर on 21, July 2007
यह कार्टून समर्पित है नीलिमाजी को उनकी पोस्ट
खुल्लमखुल्ला प्यार करेंगे हम दोनों…..
के लिये। उनकी इस पोस्ट पर टिप्प्णी करने की बजाय यह तरीका ज्यादा अच्छा लगा।
इस कार्टून के बनाने के तीन मिनिट के बाद १७ लोगों ने इसे देखा और तीन टिप्प्णीयाँ मिली।



21, July 2007 at 3:27 pm
ही ही ही, पत्र गीले हो गए, ही ही ही!!
21, July 2007 at 3:28 pm
हा हा, सही है! मस्त!!!
21, July 2007 at 3:30 pm
sahee hai. naa ho to orkut me^ scape likhe.
21, July 2007 at 3:31 pm
badhiya laye prabhu
21, July 2007 at 3:56 pm
हा हा हा… सही है…
21, July 2007 at 4:39 pm
सही है गुरू.
21, July 2007 at 5:08 pm
हा हा हा बहुत खूब [:)]
21, July 2007 at 5:51 pm
सही है!
21, July 2007 at 7:06 pm
हा हा!!
बहुत सही-काफी शोध करके कार्टून बनाया है.
21, July 2007 at 8:33 pm
झकास!
21, July 2007 at 10:05 pm
22, July 2007 at 2:39 am
बहुत बढिया!
22, July 2007 at 8:34 am
वाह बहुत सही कार्टून बनाया है ! हमारे चिट्ठे का ट्रेफिक भी बढवा डाला आपने तो ..
वैसे यह तो संक्रामक डीजीज है देखा फैल गई न ? 
22, July 2007 at 10:17 am
abhi traffic thodi aur badhegi, waise aaj down rahegi sunday jo hai
22, July 2007 at 11:00 am
kyaa baat hai . shaandaar!
22, July 2007 at 3:31 pm
लाजवाब …
23, July 2007 at 7:17 am
अब हमने भाइ इतना पंग वाला काम तो नही किया था..
24, July 2007 at 2:01 pm
आपके कार्टून की इतनी ज्यादा चर्चा चल रही है जितनी तो अगर आप किसी संयोगिता तो को भगा ले जाते तो होती. इसी लिए मुझे भी बराती बन कर आना ही पडा.