अपने चिट्ठे पर गूगल टॉक लगायें
Posted by सागर नाहर on 19, March 2007
अपने चिट्ठे पर गूगल टॉक लगाने के लिये ब्लॉगर के Template विभाग में जाकर Edit HTML वाले विभाग में जाकर
</div>
<!– End #sidebar –> ढूंढ लीजिये। और </div> से पहले नीचे लिखा कोड पेस्ट कर लेवें। फिर Save कर देवें। आप अगरएच टी एम एल कोड सही जानते हैं तो साईडबार में अपनी पसन्द की जगह पर लगा लेवें।
(खास ध्यान रखें यह इस आपके चिट्ठे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है सो अगर आप HTML कोड के बारे में ज्यादा जानकारी ना रखते हों तो पूरे HTML कोड को नोटपैड में Copy कर Save लेवें ताकि कुछ गड़बड़ होने पर उसे काम लिया जा सके। या किसी अनुभवी की मदद से HTML में कोई भी छेड़छाड करें)
HTML कोड:
<iframe width=”210″ frameborder=”0″ src=”http://talkgadget.google.com/talkgadget/client?fid=gtalk0&relay=http%3A%2F%2Fwww.google.com%2Fig%2Fifpc_relay” height=”350″></iframe>
अब एक और मजेदार जुगाड हम हिन्दी युनिकोड रिपेयर टूल को अब तक किसी भी भाषा में लिखे जंक लेखन को पढ़ने के लिये किया करते थे। हमें कई बार हिन्दी में लिखी मेल सही नहीं दिखती है। (खासकर याहूमेल में प्राप्त हिन्दी मेल) तब उसे पड़ने के लिये इससे बढ़िया कोई औजार नहीं दिखा अब तक परन्तु मैं आपको इसका एक और मजेदार प्रयोग बताता हूँ।
किसी HTML कोड को यहाँ पेस्ट करें (किसी और को क्यों उपर लिखे कोड को ही कर लेवें) और Fix it पर क्लिक करें। क्या दिखा? मजा आया ना। किसी भी HTML कोड को अपने चिट्ठे में लगाने से पहले उसकी यहाँ जाँच की जा सकती है।
अब जरा Flikr या Photobucket पर आपने कोई फोटो लगायें हों तो उसके नीचे दिये लिंक या कोड को को एक बार इस साईट पर पेस्ट करिये जरा, हाँ और Fix it भी करिये। देखिये आपका फोटो यहाँ दिखने लगा है। है ना मजेदार
यह देखिये उपर लिखे कोड को Fix it करने के बाद परिणाम क्या मिला है मुझे।
यह जुगाड मुझे सुरत से वापसी पर लिखी पोस्ट पर बाढ़ के समय के सुरत का हाल दिखाते फोटॊ लेख के साथ दिखाने की कोशिश करते समय अनायास ही हाथ लग गया था।


20, March 2007 at 12:22 am
गुगल चैट का HTML वगैरह तो समझे.आगे भी समझेंगे. सबको बता रहे हो, खुद नहीं लगा रहे, कुछ कोड पर डाउट तो नहीं कि टेस्टिंग करा लें फिर लगायेंगे. चलो, हम भी आपके आने तक रुक जाते हैं .
यह तो हो गया मज़ाक…अब सच में: बढ़िया जानकारी है, बधाई!!
20, March 2007 at 2:26 am
अच्छा जुगाड़ है मैंने भी अपने टैस्ट ब्लॉग पर लगाया था। लेकिन इससे पेज लोड स्लो हो जाता है, अतः अपने ब्लॉग पर नहीं लगाता।
जो भाई ऊपर वाला पंगा लेना चाहें, पहले हमारी पाठशाला में जाकर टैम्पलेट का बैकअप लेने की क्लास लगाएं।
मेरे ख्याल से आपके वाले कोड को साइडबार में लगाकर काम चल जाएगा, टैम्पलेट से पंगा लेने की जरुरत शायद न पड़े।
20, March 2007 at 8:59 am
मुझे तो लगता है ई-पंडित जी की कुर्सी छिनी
20, March 2007 at 11:44 am
हा - मुझे समीरजी के मज़ाक पर हंसी आ रही है। चलो जी हम इस टैग को आज़माते हैं मगर कुछ गडबड हुई तो आगे क्या करना है ये भी तो बतादें
नया जुगाड बताने के लिए आपका धन्यवाद और जुगाडू बने रहने पर आपको बधाई
20, March 2007 at 1:05 pm
नाहर भाई आपनें जो कोड दिया है वो ठीक से काम नहीं कर रहा है, मौहल्ले वाले अविनाशजी ने बतलाया कि यह कार्य नहीं कर रहा तो मैने अपने टेस्ट ब्लॉग पर ट्राई करके देखा और सही पाया।
आपने आई-फ्रेम टेग में हर जगर डबल इनवर्टेड कोट लगा रखी है और यही समस्या कर रही है, सही कोड यह रहा -
20, March 2007 at 1:05 pm
नाहर भाई आपनें जो कोड दिया है वो ठीक से काम नहीं कर रहा है, मौहल्ले वाले अविनाशजी ने बतलाया कि यह कार्य नहीं कर रहा तो मैने अपने टेस्ट ब्लॉग पर ट्राई करके देखा और सही पाया।
आपने आई-फ्रेम टेग में हर जगर डबल इनवर्टेड कोट लगा रखी है और यही समस्या कर रही है, सही कोड यह रहा -
“”
20, March 2007 at 1:06 pm
यह क्या चक्कर हो रहा है भाईसा, बाकी टिप्पणी तो दिख रही है मगर कोड नही
20, March 2007 at 1:19 pm
अरे भई साथ में यह भी तो लिखो कि यह जुगाड़ यहाँ वर्डप्रैस.कॉम के लिए नहीं है। अब देखिए ना, समीर जी आपको शक भरी नज़रों से देख रहे हैं कि अपना जुगाड़ आपने काहे नहीं लगाया!!
20, March 2007 at 2:01 pm
हाँ अमित जी
यह गलती हुई मुझसे कि यह बताना भूल गया कि यह सिर्फ ब्लॉगर पर ही काम करता है, वर्ड प्रेस पर नहीं। क्षमा चाहता हूँ।
आशा है अब समीर भाई सा. की शंका का समाधान हो गया होगा।
@ गिरीराज जी
मैने भी इसे टेस्ट ब्लॉग पर टआई किया तो सही पाया था, एक बार फिर से कर देखता हूँ कि मुझसे कहाँ गलती हुई।
20, March 2007 at 2:03 pm
@ उन्मुक्त भाई सा
ईपण्डित की कुर्सी सलामत है हम तो खुद उनसे सीख रहे हैं अभी।
20, March 2007 at 2:05 pm
@ शुऐब भाई
गड़बड़ होने के आसार बहुत कम है फिर भी आप पहले बैक अप ले लेवें। उपर लिखे लाल शब्दों को ध्यान से देखें।
20, March 2007 at 2:48 pm
एक बार फिर से कोशिश करें शायद सही हो जाये क्यों कि मैने देखिये मेरे इस गुजराती चिट्ठे पर यह सही काम कर रहा है।
http://garavi.blogspot.com/
20, March 2007 at 4:45 pm
कमाल की खुराफात है, भाई.
मस्त.
20, March 2007 at 4:55 pm
भई मैंने कहा कि यह वर्डप्रैस.कॉम पर नहीं चलेगा, वर्डप्रैस पर तो चलेगा, बिलकुल चलेगा। और अन्य जगहों पर भी चलेगा जहाँ iframe के माफ़िक HTML कोड लगाया जा सकता है!!